काबर मनाए जाथे क्रिसमस पर्व? काय हे परभू यीशु कि जनमगाथा ? क्यो मनाया जाता हैं क्रिसमस पर्व। What is crismas festivals ।
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When should Christmas festival be celebrated? What is the birth story of Lord Jesus? Why is Christmas festival celebrated? What are crismas festivals? |
क्रिसमस अब सिर्फ एक धार्मिक पर्व नहीं रहा रहा बल्कि एहा अब सामाजिक पर्व के रूप धारण कर लें हे, तभे ता अब jammo समुदाय के लोग बढ़ चढ़ के इसे मनाए जाथे। आऊ आपस म खुशियां बांटते हैं। क्रिसमस हंसी खुशी का त्यौहार है।
ए दिन विश्व भर के गिरजा घरों में प्रभु यीशु की जन्म गाथा की झांकियां प्रस्तुत करेजाथे। आऊ गिरजाघर में प्राथना करे जाथे।
क्रिसमस को सभी ईसाई धर्म के लोग मनाते हैं, आऊ आजकल कई गैर ईसाई लोग भि इसे एक धर्मनिरपेक्ष सांस्कृतिक उत्सव के रूप में मनाते हैं। बाजारवाद ने भी इस पर्व के प्रचार में बड़ी भूमिका निभाई है। क्रिसमस के दौरान उपहारों का आदान-प्रदान सजावट का सामान आऊ छुट्टी के दौरान मौज मस्ती के कारण यह एक बड़ी आर्थिक गतिविधियां भी बन जाथे।
क्रिसमस ट्री का चलन MY YOUTUBE ID
ए पर्व के दौरान जम्मो लोग अपने घरों में क्रिसमस ट्री लगाते हैं। ओला बढ़िया-बढ़िया उपहारों से सजाया जाथे ।
ओखर सुन्दरता देखते ही बनती है। क्रिसमस से 12 दिन के उत्सव क्रिसमस टाईड की भी शुरुआत हो जाथे , ए पर्व पर बच्चों के बीच सांता क्लाज की बहुत धूम रह थे । 🎅 सांता कलॉज बच्चों के लिए मनचाहे तोहफा लेकर आथे। आऊ बच्चों को खुशियों से भर देथे। बच्चे खुद भी इस पर्व पर सुंदर रंगीन वस्त्र पहनथे। आऊ हाथ में चमकीली छडिया लिए बहुत सामूहिक नृत्य करथे, बच्चों के अलावा बड़ों में भी ए पर्व को लेकर उत्साह रहथे ,ईसाइयों के अलावा अन्य लोग भी इस दौरान अपने घर में क्रिसमस ट्री लगा थे, ए ला अच्छे-अच्छे उपहारों से सजाया जाथे,
आऊ ऐखर सुन्दरता देखते च हि बंथे। आजकल बाजार में भी बने बनाए क्रिसमस ट्री गलो मिलथे।
क्रिसमस मनाया जाने के पीछे एक पुरानी कहानी।
एक बार ईश्वर ने गैब्रियल नामक अपना एक दूत मैरी नामक युवती के पास भेजा। ईश्वर के दू त गैब्रियल ने मैरी को जाकर कहा कि उसे ईश्वर के पुत्र को जन्म देना है। यह बात सुनकर मैरि चौक गई क्योंकि अभी तो वह कुंवारी थी। ता ओ हा Gabriel ल पूछिस कि ए काई से संभव होगा। तो गैब्रियल ने कहा कि ईश्वर सब ठीक करेगा।समय बीता आऊ मैरी की शादी जो सेफ नाम के युवक के साथ हो गई। भगवान ने दू त गैब्रियल जोसे फ के सपने में आए और उससे कहा कि जल्द ही मैरी गर्भवती होगी आऊ उसे उस का खास ध्यान रखना होगा, क्योंकि उसकी होने वाली संतान कोई आऊ नहीं सवायम प्रभु यीशु है।
उस समय जो सेफ आऊ मैरी नाजरथ जो कि वर्तमान में इजराइल का एक भाग है में रहा करते थे। उस समय नाजरथ रोमन राज्य का एक हिस्सा हुआ करता था , एक बार किसी कारण से जो सेफ आऊ मैरी बेथलेहम जो कि इस समय फिलिस्तीन में है, मैं किसी काम से गए, उन दिनों वहां बहुत से लोग आए हुए थे, जिस कारण सभी धर्मशालाएं आऊ शरणालय भरे हुए थे। जिससे जो सेफ आऊ मैरी को अपने लिए शरण नहीं मिल पाए। काफी थक हारने के बाद उन दोनों को एक अस्तबल में जगह मिली आऊ उसी स्थान पर आधी रात के बाद प्रभु यीशु का जन्म हुआ। अस्तबल के निकट कुछ गड़ेरी अपनी भेड़े चरा रहे थे, वहां ईश्वर के दू त प्रकट हुए आऊ उन को प्रभु यीशु के जन्म लेने की जानकारी दी। गडरिए उस नवजात शिशु के पास गए आऊ ओला नमन किया।
यीशु जब बड़े हुए तो उन्होंने पूरे गलियां में घूम घूमकर उपदेश दिए आऊ लोगों की हर बीमारी और दुर्लभ अदाओं को दूर करने के प्रयास किए। धीरे-धीरे उनकी प्रसिद्धि चारों ओर फैलती गई, यीशु के श्रद्धा भाव पूर्ण कार्यों के कुछ दुश्मन भी थे। जिन्होंने अंत में यीशु को काफी यातनाएं दी, आऊ उन्हें क्रूस पर लटका कर मार डाला। लेकिन यिसू जीवन पर्यंत मानव कल्याण की दिशा में जुटे रहे। तब भी वह यही बोले कि हे पिता इन लोगों को क्षमा कर दीजिए। क्योंकि यह लोग अज्ञानी हैं। ओखरबाद से ही ईसाई लोग 25 दिसंबर यानी यीशु के जन्म दिवस को क्रिसमस के रूप में मनाते हैं।
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